Sunday, February 14, 2016

Beautiful poem by --हरिवंशराय बच्चन

🎁दोस्ती...!
ना कभी इम्तिहान लेती है,
ना कभी इम्तिहान देती है ।
दोस्ती तो वो है -
जो बारिश में  भीगे चेहरे पर भी,
आँसुओं को पहेचान लेती है ।
आज रब से मुलाकात की;
थोड़ी सी आपके बारे में बात की;
मैंने कहा क्या दोस्त है;
क्या किस्मत पाई है;
रब ने कहा संभाल के रखना;
मेरी पसंद है, जो तेरे हिस्से में आई है,
दिन बीत जाते है सुहानी यादे बनकर ,
बाते रह जाती है कहानी बनकर ,
पर दोस्त तो हमेशा दिल के करीब रहेंगे,
कभी मुस्कान तो कभी आँखों का पानी बनकर.....🙏💐👍🌹 😥😥
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